Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
लोहे या सà¥à¤Ÿà¥€à¤² की कोई चीज से कट जाà¤à¤‚ और टिटनेस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ न लगवाà¤à¤‚ तो कà¥à¤¯à¤¾ होगा?
Tetanus Injection: टिटनेस के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ खाद, धूल या मिटà¥à¤Ÿà¥€ में पाठजाते हैं. अगर लोहे की वजह से आपको गंà¤à¥€à¤° चोट आई है या सà¥à¤•िन अंदर तक छिल गई है तो आपको टेटनस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाने की जरूरत हो सकती है.
टिटनेस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ कब लगवाना चाहिà¤?
Tetanus: किसी à¤à¥€ तरह के मेटल खासतौर से लोहे से चोट लगने के बाद टिटनेस का शॉट यानी इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाना जरूरी माना जाता है. कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि लोहे से लगी हलà¥à¤•ी सी चोट के लिठà¤à¥€ कà¥à¤¯à¤¾ टिटनेस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाना जरूरी है? आज हम आपको इस खबर में बताà¤à¤‚गे कि कब आपको टिटनेस का शॉट लगवाना चाहिà¤. कई बार जाने-अनजाने में हमें लोहे से चोट लग जाती है. चोट लगने की वजह से तà¥à¤µà¤šà¤¾ कट या छिल जाती है और उस जगह पर घाव बन जाता है. लोग कई बार इस चोट को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से नहीं लेते और टिटनेस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ नहीं लगवाते, à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ये आगे चलकर कई बार नà¥à¤•सानदेह साबित होता है.
टिटनेस के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ खाद, धूल या मिटà¥à¤Ÿà¥€ में पाठजाते हैं. अगर मेटल या लोहे की वजह से आपको गंà¤à¥€à¤° चोट आई है या सà¥à¤•िन अंदर तक छिल गई है तो आपको टेटनस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाने की जरूरत हो सकती है. टेटनस à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° बीमारी है, जो इलाज न कराने पर बहà¥à¤¤ खतरनाक साबित हो सकती है. टेटनस पैदा करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आपकी बॉडी या सà¥à¤•िन में कट या घाव के जरिठपà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं. ये अकà¥à¤¸à¤° मिटà¥à¤Ÿà¥€ और खाद में पाठजाते हैं.
आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤?
1. जब घाव गहरा हो.
2. घाव में गंदगी à¤à¤°à¥€ हो या कोई ऑपà¥à¤¬à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ अंदर फंसा हो.
3. अगर आपने टिटनेस के खिलाफ फà¥à¤² वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ नहीं करवाया है.
4. आपको अपने टिटनेस वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ के बारे में ठीक से जानकारी नहीं है.
डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके घाव का आकलन करने के बाद यह तय करेगा कि आपको वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ या किसी अनà¥à¤¯ इलाज की जरूरत है या नहीं. गंà¤à¥€à¤° घाव के लिठआपको बेहतर इलाज की जरूरत हो सकती है. अगर आपकी मांसपेशियों में गंà¤à¥€à¤° जकड़न या à¤à¤‚ठन है तो तà¥à¤°à¤‚त अपने नजदीकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें.
चोट लगने के 24 घंटे के à¤à¥€à¤¤à¤° टिटनेस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाना जरूरी होता है. अगर इंजेकà¥à¤¶à¤¨ सही समय पर नहीं लगवाया गया तो घाव के जरिठबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शरीर के अंदर दाखिल हो सकते हैं और 10 दिनों के अंदर लकà¥à¤·à¤£ दिखाई पड़ सकते हैं. अगर आपके टिटनेस-पà¥à¤°à¥‹à¤¨ घाव है तो अतिरिकà¥à¤¤ इलाज दिया जा सकता है, फिर à¤à¤²à¥‡ ही आप फà¥à¤²à¥€ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ हों.
कà¥à¤¯à¤¾ होगा अगर नहीं लगवाया इंजेकà¥à¤¶à¤¨?
टिटनेस का बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मिटà¥à¤Ÿà¥€ में पाया जाता है. इसलिठजिन चीज़ों पर मिटà¥à¤Ÿà¥€ लगी होती है, उससे चोट लगने पर संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा पैदा हो सकता है. घायल होने का कारण चाहे लोहा हो या रोड à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट, दोनों ही केस में टिटनेस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाना जरूरी होता है. कई बार घाव को लंबे समय तक खà¥à¤²à¤¾ छोड़े रखने पर उसमें मिटà¥à¤Ÿà¥€ या धूल आदि चले जाते हैं, इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ आपके लिठटिटनेस का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाना जरूरी होगा.
अगर आपने इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इंजेकà¥à¤¶à¤¨ नहीं लगवाया तो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा हो सकता है, जो आपको गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तक पहà¥à¤‚ता सकता है. आपको सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है. ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी होने से बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डैमेज हो सकता है. आपको निमोनिया की बीमारी हो सकती है. दिल की धड़कन à¤à¥€ असामानà¥à¤¯ हो सकती है. हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चने का खतरा à¤à¥€ पैदा हो सकता है. इसलिठगंà¤à¥€à¤° चोट या कट लगने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• जरूर करें, ताकि आपकी चोट की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ को देखते हà¥à¤ वे आपको सही इलाज बता सकें.
| --------------------------- | --------------------------- |